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डिलीवरी के कितने दिन बाद महिला का शरीर होता है पूरी तरह रिकवर? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें 7 जरूरी सवालों के जवाब
अपने वजन, शरीर में बदलाव और कई नई चीजें आप डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद फेस कर रही होंगी तो चलâ€à¤¿à¤ डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से जानें जरूरी सवालों के जवाब।
डिलीवरी के कितने दिन बाद महिला का शरीर होता है पूरी तरह रिकवर? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें 7 जरूरी सवालों के जवाब
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद शरीर को रâ€à¤¿à¤•वर होने पर कâ€à¤¿à¤¤à¤¨à¤¾ समय लगता है? à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की मानें तो डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद शरीर में कई बदलाव आते हैं, बॉडी को पूरी तरह नॉरà¥à¤®à¤² होने में कई महीने लगते हैं। लगà¤à¤— 1 साल में बॉडी काफी हद तक रâ€à¤¿à¤•वर हो पाती है इसलâ€à¤¿à¤ डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के बीच कम से कम 2 साल का अंतर रखने की सलाह देते हैं। रâ€à¤¿à¤•वरी के लâ€à¤¿à¤ आपको कई चीजों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है। आज हम à¤à¤¸à¥‡ ही 7 बिंदà¥à¤“ं पर बात करेंगे जो आपको डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद काम आà¤à¤‚गे। इस बारे में जानकारी के लâ€à¤¿à¤ हमने लखनऊ के डफरâ€à¤¿à¤¨ असà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चâ€à¤¿à¤•â€à¤¿à¤¤à¥â€à¤¸à¤¾ अधीकà¥à¤·â€à¤¿à¤•ा डॉ सà¥à¤§à¤¾ वरà¥à¤®à¤¾ से बात की।
post pregnancy care
1. डिलीवरी के बाद वजन कैसे कम करें? (How to loose weight after delivery)
इस सवाल को लेकर महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤à¤‚ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान होती है पर आपको अपने खानपान पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना वजन की चâ€à¤¿à¤‚ता न करें और à¤à¥‚खा रहकर वजन घटाने के बारे में बâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤•à¥à¤² à¤à¥€ न सोचें। वजन घटाने के लâ€à¤¿à¤ आपको हलà¥â€à¤•ी कसरत करनी है। हाथों की कसरत करनी हो तो बैठकर ही करें। आधा कâ€à¤¿à¤²à¥‹ के डंबà¥â€à¤²à¥â€à¤¸ से बैठकर ही कसरत करें। आप रोजाना आधा घंटा वॉक कर सकती हैं। तेज दौड़ना या à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन उठाने से आपको बचना है। वजन घटाने के लâ€à¤¿à¤ नâ€à¤¿à¤¯à¤®â€à¤¿à¤¤ रूप से à¤à¤• ही समय पर हलà¥â€à¤•ी कसरत करें। नींद पूरी करें। रात à¤à¤° आपको बचà¥â€à¤šà¥‡ के कारण जगना पड़ सकता है इसलâ€à¤¿à¤ सà¥à¤¬à¤¹ कसरत का बोठन लें। अपने रूटीन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬â€à¤¿à¤• कसरत के लâ€à¤¿à¤ समय नâ€à¤¿à¤•ालें।
2. डिलीवरी के बाद कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤? (Balanced diet after delivery)
post delivery food
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद आपको रâ€à¤¿à¤•वर करने के साथ बचà¥â€à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवाना है इसलâ€à¤¿à¤ आपको सही डाइट फॉलो करना जरूरी है। इसके लâ€à¤¿à¤ अपनी डायटीशâ€à¤¿à¤¯à¤¨ से संपरà¥à¤• करें। गेहूं में फॉलâ€à¤¿à¤• à¤à¤¸â€à¤¿à¤¡ और आयरन होता है इसलâ€à¤¿à¤ आपको उसका सेवन करना चाहिâ€à¤à¥¤ आप जई, मकई, जौ का आटा à¤à¥€ खा सकती हैं। सारी हरी सबà¥â€à¤œâ€à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल खाने के साथ आपको पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ डाइट à¤à¥€ लेनी है, मछली, नटà¥à¤¸, बीज या बीनà¥â€à¤¸ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। इनका सेवन करें। आपको दाल में घी डालकर खाना है जिâ€à¤¸à¤¸à¥‡ कमजोरी न हो। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद बॉडी को डâ€à¤¿à¤¹à¤¾à¤ˆà¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से बचाà¤à¤‚, समय-समय पर पानी पीती रहें। आपको हर दिन उबला हà¥à¤† अंडा खाना है, दही और दूध से बने अनà¥â€à¤¯ उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦ जरूर लें।
3. डिलीवरी के बाद रिलेशन कब बना सकते हैं? (Avoid physical contact immediately after delivery)
ये सवाल à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सी मांà¤à¤‚ और कपलà¥â€à¤¸ पूछते हैं कâ€à¤¿ हम डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के कâ€à¤¿à¤¤à¤¨à¥‡ समय बाद रâ€à¤¿à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बना सकते हैं। आपको इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤• तरह का कॉमà¥â€à¤ªà¥â€à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ फâ€à¤¿à¤œâ€à¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ है जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ उबरने में महâ€à¤¿à¤²à¤¾ को मानसâ€à¤¿à¤• और शारीरâ€à¤¿à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤â€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² हà¥à¤ˆ हो या सीजेरâ€à¤¿à¤¯à¤¨, शरीर को रâ€à¤¿à¤•वर करने में टाइम लगता है। इसलâ€à¤¿à¤ डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद रâ€à¤¿à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बनाने में जलà¥â€à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ नहीं करनी चाहâ€à¤¿à¤à¥¤ आपको इसमं 4 से 6 हफà¥à¤¤à¥‡ का गैप जरूर रखना चाहâ€à¤¿à¤à¥¤ इतने समय में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡â€à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ खतà¥â€à¤® हो जाती है और टांके à¤à¥€ ठीक हो जाते हैं। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा रहता है इसलâ€à¤¿à¤ डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° गैप रखने की सलाह देते हैं।
4. डिलीवरी के बाद कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤? (Food to be avoided after delivery)
avoid unhealthy food
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद मां बचà¥â€à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवाती है इसलâ€à¤¿à¤ कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जâ€à¤¿à¤¨à¤¸à¥‡ दूरी बनानी चाहâ€à¤¿à¤ जैसे खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल। आपको संतरा, आम, कीवी या कोई à¤à¥€ फल जâ€à¤¿à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ हलà¥â€à¤•ी सी à¤à¥€ खटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¸ हो उससे दूर रहना है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कâ€à¤¿ इनको खाकर जब आप बचà¥â€à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवाà¤à¤‚गी तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की नली में इससे समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है। कैफीन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजें जैसी चाय या कॉफ को à¤à¥€ आपको अवॉइड करना है। à¤à¤²à¥â€à¤•ोहॉल और सâ€à¤¿à¤—रेट तो मां को छूनी à¤à¥€ नहीं है इससे बॉडी में मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• सीकà¥à¤°â€à¤¿à¤¶à¤¨ कम हो जाता है। आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीठी चीजें या चॉकलेट से à¤à¥€ दूरी बनानी है। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मâ€à¤¿à¤°à¥à¤š-मसाले वाला खाना या तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ खाना अवॉइड करें।
5. डिलीवरी के बाद इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से कैसे बचें? (Avoid infection after delivery)
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤“ं को बैकà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°â€à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है। इसे पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ à¤à¥€ कहते हैं। इससे बचने का आसान उपाय है साफ-सफाई पर गौर करें। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद बà¥â€à¤²à¥€à¤¡â€à¤¿à¤‚ग होती है जâ€à¤¿à¤¸à¤•े लâ€à¤¿à¤ सेनेटरी पैड का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कâ€à¤¿à¤¯à¤¾ जाता है पर महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤à¤‚ उसे हर दâ€à¤¿à¤¨ नहीं बदलती या देर तक यूज करती है जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤â€à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है जâ€à¤¿à¤¸à¤•े बाद बैकà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°â€à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस आसानी से शरीर में अटैक कर देते हैं। इसलâ€à¤¿à¤ आपको साफ-सफाई पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना है नहीं तो पेट के नâ€à¤¿à¤šà¤²à¥‡ हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार, बदबूदार डâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आदâ€à¤¿ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
6. डिलीवरी के बाद नॉरà¥à¤®à¤² रूटीन वरà¥à¤• कब से कर सकते हैं? (Duration od complete rest after delivery)
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤à¤‚ अगले ही दâ€à¤¿à¤¨ से घर के कामों में लग जाती है, इससे उनकी सेहत बâ€à¤¿à¤—ड़ सकती है। आपकी डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² हà¥à¤ˆ हो या सीजेरâ€à¤¿à¤¯à¤¨ आपको लंबे आराम की जरूरत होती है। इसलâ€à¤¿à¤ तà¥à¤°à¤‚त काम के बारे में न सोचें। आपको डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक पूरी तरह आराम करना है। जब तक टांके ठीक न हो जाà¤à¤‚ तब तक आपको à¤à¤¾à¤°à¥€ काम या जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन उठाना अवॉइड करना चाहिâ€à¤à¥¤ कà¥à¤› मांà¤à¤‚ तà¥à¤°à¤‚त काम में लग जाती हैं जâ€à¤¿à¤¸à¤•े चलते उनके टांके खà¥à¤² जाते हैं। आपको इस बात का à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ कोई à¤à¥€ चीज à¤à¤Ÿà¤•े से नहीं उठानी है। इससे कमर पर जोर पड़ सकता है। आपको इस बात का à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ टांकों पर बâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤•à¥à¤² पानी नहीं पड़ना चाहâ€à¤¿à¤ वरना टांके पक सकते हैं। इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकता है इसलâ€à¤¿à¤ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
7. डिलीवरी के बाद जोड़ों में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है तेज दरà¥à¤¦? (Causes of muscle pain after delivery)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के चलते महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤“ं के जोड़ों और हडà¥à¤¡â€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कैलà¥â€à¤¶â€à¤¿à¤¯à¤® की कमी हो जाती है जâ€à¤¿à¤¸à¤•े चलते बोनà¥â€à¤¸ में कमजोरी आ जाती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कई फâ€à¤¿à¤œâ€à¤¿à¤•ल चेंज बॉडी में होते हैं जâ€à¤¿à¤¸à¤•ा असर मांसपेशâ€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर पड़ता है। ये असर डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद à¤à¥€ कई महीनों तक रहता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤“ं का वजन सामानà¥â€à¤¯ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है जâ€à¤¿à¤¸à¤•े चलते हडà¥à¤¡â€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर दबाव पड़ता है और दरà¥à¤¦ होता है। गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शâ€à¤¿à¤¶à¥ के वजन का असर à¤à¥€ हडà¥à¤¡à¥€ और मांसपेशâ€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर पड़ता है जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ दरà¥à¤¦ उठता है। ये दरà¥à¤¦ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से लेकर 6 महीने तक रह सकता है।
डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद जोड़ों के दरà¥à¤¦ के लâ€à¤¿à¤ कà¥â€à¤¯à¤¾ करें? (Treatment of muscles pain after delivery)
1. दरà¥à¤¦ के लâ€à¤¿à¤ आप हलà¥â€à¤•ी कसरत कर सकती हैं। आपको बस शरीर को à¤à¤•à¥â€à¤Ÿâ€à¤¿à¤µ रखने लायक कसरत करनी है, जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन नहीं उठाना है। हलà¥â€à¤•ी कसरत से जोड़ों का दरà¥à¤¦ कम हो जाà¤à¤—ा।
2. दरà¥à¤¦ को कम करने के लâ€à¤¿à¤ आप गरम पानी से सâ€à¤¿à¤•ाई à¤à¥€ कर सकती हैं। बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई से à¤à¥€ आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है पर मौसम देखकर वâ€à¤¿à¤•लà¥â€à¤ª का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें। आपको ये धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ दरà¥à¤¦ वाले हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ में गरम बैग या बरà¥à¤« सीधे न लगाà¤à¤‚। इसे आपको साफ कपड़े में लपेटकर ही लगाना है।
3. जोड़ों के दरà¥à¤¦ मालâ€à¤¿à¤¶ से काफी आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है। आप जोड़ों पर रोजाना मालâ€à¤¿à¤¶ करवाà¤à¤‚। अगर मौसम ठंडा है तो तेल को धूप में रख दें और जब वो गरम हो जाठतो गरम तेल से जोड़ों पर मालâ€à¤¿à¤¶ करें काफी आराम मâ€à¤¿à¤²à¥‡à¤—ा।
4. डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद जोड़ों के दरà¥à¤¦ छà¥à¤Ÿà¤•ारा चाहâ€à¤¿à¤ तो à¤à¤•à¥â€à¤¯à¥‚पंकà¥â€à¤šà¤° की मदद à¤à¥€ ले सकती है। आप घर में वीडâ€à¤¿à¤¯à¥‹ से सीखकर या कâ€à¤¿à¤¸à¥€ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के पास जाकर दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकती हैं। इस तकनीक में आपके बॉडी के वâ€à¤¿à¤¶à¥‡à¤· बâ€à¤¿à¤‚दà¥à¤“ं को दबाया जाता है जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ दरà¥à¤¦ में आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है।
डâ€à¤¿à¤²à¤µà¤°à¥€ के बाद नई मां अपनी जâ€à¤¿à¤®à¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°â€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अपना खà¥â€à¤¯à¤¾à¤² रखना à¤à¥‚ल जाती है जबकâ€à¤¿ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत खà¥à¤¦ पर है इसलâ€à¤¿à¤ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ न लेते हà¥à¤ डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद आराम करें।
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